हम अपने जीवन में कुछ भी काम करते हैं तो सबसे पहले हम अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हैं जैसे कि हम अपनी सुरक्षा के लिए ड्राइविंग करते वक्त हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं बैंकों में पैसा जमा करवाते है ताकि हमारे पैसे सुरक्षित रह सके। मोबाइल और लैपटॉप को वायरस से बचाने के लिए एंटीवायरस का इस्तेमाल कर डिवाइस को सुरक्षित रखते हैं और उसी तरह जब हम इंटरनेट का इस्तेमाल करके ब्राउज़र से कोई भी इंफॉर्मेशन सर्च करते हैं या कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं तब हमारे डिवाइस और सर्वेश के बीच सुरक्षित कड़ी मौजूद रहती है जो हमारे पर्सनल डाटा को HACKER की नजरों से बचाकर रखती है उस कड़ी का नाम है HTTPS हम सब इंटरनेट का प्रतिदिन इस्तेमाल करते हैं और आपने यह भी देखा हुआ कि किसी भी वेबसाइट डोमेन इसके पहले एचटीटीपी या एचटीटीपीएस लिखा होता है क्या आपने सोचा है कि आखिर इसका क्या मतलब है और इसका क्या इस्तमाल है आज की इस आर्टिकल में हम आपको इसी के बारे में बताएंगे की HTTP और HTTPS में क्या डिफरेंस है
HTTP के अंदर सिक्योरिटी बहुत कम रहती है जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से इसके कनेक्शन को तोड़ सकता है और डाटा को चुरा सकता है इसको हर कोई नहीं चुरा सकता इस को चुराने के लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की अच्छी नॉलेज होना बहुत जरूरी है और अगर आप किसी भी वेबसाइट पर आर्टिकल को पढ़ते हैं या गाने डाउनलोड करते हैं तो इससे आपको कोई हानि नहीं है लेकिन अगर बात ईमेल अकाउंट या NETBANKING के अकाउंट की हो जिसमें आईडी और पासवर्ड का उपयोग होता है तो ऐसी इंफॉर्मेशन अगर कोई HACKER के हाथ लग जाए तो आपको बहुत नुकसान हो सकता है
2.HTTP का URL http:// के साथ सुरु हटा है जबकि HTTPS का URL https:// के बाद सुरु होता है।
V/S
3.एचटीटीपी प्रोक्सी सर्वर पोर्ट 80 को सपोर्ट करता है जबकि एचटीटीपी प्रोक्सी सर्वर से कनेक्शन पोर्ट 443 को सपोर्ट करता है
4.एचटीटीपी के द्वारा ऑनलाइन बैंकिंग और ऑनलाइन शॉपिंग करना सुरक्षित नहीं है जबकि एचटीटीपीएस का उपयोग अक्सर ऑनलाइन लेनदेन के लिए ही उपयोग किया जाता है HTTP का कई लोग स्कूल आदि की वेबसाइट इंफॉर्मेशन शेयर करने के लिए बनाए जाते हैं
5.एचटीटीपी के लिए कोई भी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती इसलिए यह बिल्कुल फ्री होता है लेकिन एचटीटीपीएस एक PAID सर्विस है इसको इस्तेमाल करने के लिए SSL सर्टिफिकेट की जरूरत होती है और इसके लिए हमको PRMIUM देना पड़ता है।

अंत में मैं आपको यही सुझाव देना चाहूंगा कि हमेशा उसी वेबसाइट का यूज़ करें जिसके आगे एचटीटीपीएस लगा हो एसटीटीपी वाली वेबसाइट का प्रयोग उस जगह पर ना करें जिसमें आपको कोई भी ईमेल या फिर कोई पासवर्ड दर्ज करना हो
HTTP ➽
एचटीटीपी का पूरा नाम हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकोल यह एक प्रकार का नेटवर्क प्रोटोकोल होता है जो world-wide-web में उपयोग होता है यहां पर प्रोटोकॉल वर्ड्स का सेट होता है जो सरवर के बीच कम्युनिकेशन का कार्य करता है और यह दोनों के बीच डाटा ट्रांसफर का कार्य करता है जब हम ब्राउज़र के एड्रेस बार पर किसी भी एक वेब साईट का डोमेन नेम लिखते हैं और जैसे ही हम एंटर दबाते हैं तो अपने आप ही ब्राउज़र के वेब एड्रेस पर एचटीटीपी डोमेन नेम लिखा आ जाता है जिसके बाद हमारा ब्राउज़र एचटीटीपी को कनेक्ट करने की अनुमति देता है और जिस सरोवर में उसका डोमेन नेम का होस्टिंग रहता है http ब्राउज़र को उस server से कनेक्ट कर सभी डाटा को स्क्रीन पर दिखा देता है सर्वर में सभी फाइल स्टोर रहती है और क्लाइंट के अनुसार यह सरवर को रिस्पांस करता है यहां पर हमारा वेब ब्राउज़र एक क्लाइंट की तरह काम करता हैHTTP के अंदर सिक्योरिटी बहुत कम रहती है जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से इसके कनेक्शन को तोड़ सकता है और डाटा को चुरा सकता है इसको हर कोई नहीं चुरा सकता इस को चुराने के लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की अच्छी नॉलेज होना बहुत जरूरी है और अगर आप किसी भी वेबसाइट पर आर्टिकल को पढ़ते हैं या गाने डाउनलोड करते हैं तो इससे आपको कोई हानि नहीं है लेकिन अगर बात ईमेल अकाउंट या NETBANKING के अकाउंट की हो जिसमें आईडी और पासवर्ड का उपयोग होता है तो ऐसी इंफॉर्मेशन अगर कोई HACKER के हाथ लग जाए तो आपको बहुत नुकसान हो सकता है
HTTPS ➽
HTTPS का पूरा नाम है हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल SECURE है यह भी वही सभी कार्य करता है जो एचटीटीपी करता है लेकिन इसके अंदर स्ट्रांग सिक्योरिटी फीचर्स जरूर मिलता है HTTPS HTTP का सिक्योर्ड वर्जन है क्योंकि इसके अंदर SSL सिक्योर्ड लेयर का प्रयोग होता है इसके अंदर कोई भी आसानी से डाटा नहीं चुरा सकता यानी कि यह बहुत secure होता है ज्यादातर बैंकिंग फर्मस HTTPS साइट का ही यूज करते हैं क्योंकि यह है बहुत ही सिक्योर होती है इससे डाटा चुराना बहुत मुश्किल होता है कोई भी इससे आसानी से डाटा नहीं चुरा सकताDifference between HTTP and https ➽
1. एचटीटीपी एक ऐसा प्रोटोकॉल है जिस पर यूजर्स का इंफॉर्मेशन हाइपरटेक्स्ट के फॉर्म में जाता है यानी कि प्लेन टेक्स्ट के फोन में जाता है जिसको एक आसानी से किया जा सकता है जबकि एचटीटीपीएस बहुत सिक्योर है इनके बीच में कोई भी डाटा नहीं चुरा सकता2.HTTP का URL http:// के साथ सुरु हटा है जबकि HTTPS का URL https:// के बाद सुरु होता है।
V/S
3.एचटीटीपी प्रोक्सी सर्वर पोर्ट 80 को सपोर्ट करता है जबकि एचटीटीपी प्रोक्सी सर्वर से कनेक्शन पोर्ट 443 को सपोर्ट करता है
4.एचटीटीपी के द्वारा ऑनलाइन बैंकिंग और ऑनलाइन शॉपिंग करना सुरक्षित नहीं है जबकि एचटीटीपीएस का उपयोग अक्सर ऑनलाइन लेनदेन के लिए ही उपयोग किया जाता है HTTP का कई लोग स्कूल आदि की वेबसाइट इंफॉर्मेशन शेयर करने के लिए बनाए जाते हैं
5.एचटीटीपी के लिए कोई भी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती इसलिए यह बिल्कुल फ्री होता है लेकिन एचटीटीपीएस एक PAID सर्विस है इसको इस्तेमाल करने के लिए SSL सर्टिफिकेट की जरूरत होती है और इसके लिए हमको PRMIUM देना पड़ता है।

अंत में मैं आपको यही सुझाव देना चाहूंगा कि हमेशा उसी वेबसाइट का यूज़ करें जिसके आगे एचटीटीपीएस लगा हो एसटीटीपी वाली वेबसाइट का प्रयोग उस जगह पर ना करें जिसमें आपको कोई भी ईमेल या फिर कोई पासवर्ड दर्ज करना हो
HTTPS क्या है और HTTP और HTTPS में क्या अंतर है
Reviewed by Endless Technology
on
02:01
Rating:
Reviewed by Endless Technology
on
02:01
Rating:




Good, very helpful
ReplyDelete