तो दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि चांद पर कैसे जाया जाता है
चांद पर जाने वाले लोगों को ASTRONOTES यानी कि अंतरिक्ष यात्री के नाम से जाना जाता है और चांद पर जिस साधन द्वारा जाया जाता है उसको SPACECRAFT यानी कि अंतरिक्ष यान के नाम से जाना जाता है।
ASTRONOTES यानी अंतरिक्ष यात्री, इनको चांद पर जाने से पहले बहुत सारी ट्रेनिंग दी जाती है इनकी ट्रेनिंग में निम्नलिखित चीजें बताई जाती है
1. सबसे पहले उनको सिखाया जाता है कि ZERO GRVITY पर कैसे चला जाए
2. उनको SPACE CRAFT को चलाने के बारे में सिखाया जाता है
3. उनको चांद पर जाते समय क्या क्या बातें ध्यान में रखनी चाहिए ये सब बातें भी उनको
बताई जाती है
चांद पर दो तरीकों से जाया जाता है
1. ROCKET के द्वारा
2. SPACECRAFT के द्वारा
1. ROCKET
ROCKET के द्वारा केवल सेटेलाइट एवं कोई अन्य यंत्र को ही चाँद पर भेजा जा सकता है राकेट के द्वारा हम मनुष्य को चांद पर नहीं भेज सकते। रॉकेट को केवल एक बार ही प्रयोग में लाया जा सकता है यह REUSABLE नहीं होता। रॉकेट में चार बूस्टर रॉकेट लगी होती है जो रॉकेट को धरती के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकालने में मदद करती है और यह बूस्टर रॉकेट फ्यूल खत्म होने के बाद अपने आप ही हट जाती है तथा MAIN ROCKET के द्वारा चाँद पर जाता है। और इसे धरती ऑपरेट किया जातासे है।
2. SPACE CRAFT
SPACECRAFT के द्वारा मनुष्य को चाँद पर भेजा जाता है SPACE CRAFT के साथ में MAIN ENGINE, BOOSTER ROCKETS आदि जुड़े होते हैं जो SPACE CRAFT को चाँद तक पहुंचाने में मदद करते हैं। इन रॉकेट का FUEL खत्म होने के बाद अपने आप ही स्पेसक्राफ्ट से हट जाती है और अंत में स्पेसक्राफ्ट को चांद की सतह पर उतारा जाता है उतरने के बाद अंतरिक्षयात्री (ASTERNOTES) वहां पर अपनी RESEARCH शुरू कर देते हैं।
यह स्पेसक्राफ्ट REUSABLE होता है स्पेसक्राफ्ट के अंदर ही उनके खाने-पीने आदि का समान होता है
ASTONOTES जब भी स्पेसक्राफ्ट से बाहर निकलते हैं तब उनका SPACESUIT एक बेल्ट के द्वारा स्पेसक्राफ्ट से जुड़ा होता है जो AUTOMATIC FOLD भी हो जाता है
चांद पर जाने वाले लोगों को ASTRONOTES यानी कि अंतरिक्ष यात्री के नाम से जाना जाता है और चांद पर जिस साधन द्वारा जाया जाता है उसको SPACECRAFT यानी कि अंतरिक्ष यान के नाम से जाना जाता है।
ASTRONOTES यानी अंतरिक्ष यात्री, इनको चांद पर जाने से पहले बहुत सारी ट्रेनिंग दी जाती है इनकी ट्रेनिंग में निम्नलिखित चीजें बताई जाती है
1. सबसे पहले उनको सिखाया जाता है कि ZERO GRVITY पर कैसे चला जाए
2. उनको SPACE CRAFT को चलाने के बारे में सिखाया जाता है
3. उनको चांद पर जाते समय क्या क्या बातें ध्यान में रखनी चाहिए ये सब बातें भी उनको
बताई जाती है
चांद पर दो तरीकों से जाया जाता है
1. ROCKET के द्वारा
2. SPACECRAFT के द्वारा
1. ROCKET
ROCKET के द्वारा केवल सेटेलाइट एवं कोई अन्य यंत्र को ही चाँद पर भेजा जा सकता है राकेट के द्वारा हम मनुष्य को चांद पर नहीं भेज सकते। रॉकेट को केवल एक बार ही प्रयोग में लाया जा सकता है यह REUSABLE नहीं होता। रॉकेट में चार बूस्टर रॉकेट लगी होती है जो रॉकेट को धरती के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकालने में मदद करती है और यह बूस्टर रॉकेट फ्यूल खत्म होने के बाद अपने आप ही हट जाती है तथा MAIN ROCKET के द्वारा चाँद पर जाता है। और इसे धरती ऑपरेट किया जातासे है।
2. SPACE CRAFT
SPACECRAFT के द्वारा मनुष्य को चाँद पर भेजा जाता है SPACE CRAFT के साथ में MAIN ENGINE, BOOSTER ROCKETS आदि जुड़े होते हैं जो SPACE CRAFT को चाँद तक पहुंचाने में मदद करते हैं। इन रॉकेट का FUEL खत्म होने के बाद अपने आप ही स्पेसक्राफ्ट से हट जाती है और अंत में स्पेसक्राफ्ट को चांद की सतह पर उतारा जाता है उतरने के बाद अंतरिक्षयात्री (ASTERNOTES) वहां पर अपनी RESEARCH शुरू कर देते हैं।
यह स्पेसक्राफ्ट REUSABLE होता है स्पेसक्राफ्ट के अंदर ही उनके खाने-पीने आदि का समान होता है
ASTONOTES जब भी स्पेसक्राफ्ट से बाहर निकलते हैं तब उनका SPACESUIT एक बेल्ट के द्वारा स्पेसक्राफ्ट से जुड़ा होता है जो AUTOMATIC FOLD भी हो जाता है
जानिए कि चांद पर कैसे जाया जाता है
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